अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण-2024

अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण – यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अल्ट्रासाउंड में लिंग निश्चित रूप से बताने का कोई 100% विश्वसनीय तरीका नहीं है। लेकिन कुछ संकेत हैं जो लड़के होने की संभावना को दर्शा सकते हैं:

  • नब की स्थिति: 12 सप्ताह के बाद, यदि नब (genital tubercle) ऊर्ध्वाधर (ऊपर की ओर) या 30 डिग्री से अधिक कोण पर झुका हुआ है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।
  • नब का आकार: यदि नब बड़ा और स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।
  • “Nub theory”: “Nub theory” के अनुसार, यदि नब के आधार पर एक “स्पाइक” या “टेल” दिखाई देता है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।
  • लड़का: अगर नब रीढ़ की हड्डी से 30 डिग्री से अधिक ऊपर की ओर झुका हुआ है, तो यह माना जाता है कि बच्चा लड़का हो सकता है।
  • लड़की: अगर नब रीढ़ की हड्डी से 30 डिग्री से कम झुका हुआ है, तो यह माना जाता है कि बच्चा लड़की हो सकती है।
  • Ramzi सिद्धांत: Ramzi सिद्धांत के अनुसार, यदि गर्भधारण के समय महिला के दाहिने अंडाशय में भ्रूण प्रत्यारोपित होता है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये केवल संकेत हैं और निश्चित नहीं हैं।

लड़के होने के कुछ लक्षण :

अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण नुचे इक्स्प्लैन किया है ।

  • सुबह की मितली कम होना: कुछ लोगों का मानना ​​है कि यदि गर्भवती महिला को सुबह की मितली कम होती है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।
  • पेट का आकार: कुछ लोगों का मानना ​​है कि यदि गर्भवती महिला का पेट गोल और नीचे की ओर होता है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।
  • हृदय गति: कुछ लोगों का मानना ​​है कि यदि गर्भस्थ शिशु की हृदय गति 140 बीट प्रति मिनट से कम है, तो यह लड़के होने की संभावना हो सकती है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन लक्षणों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

बच्चे के लिंग का पता लगाने के तरीके:

अल्ट्रासाउंड के अलावा, बच्चे के लिंग का पता लगाने के अन्य तरीके भी हैं:

  • एमनियोसेंटेसिस: यह एक आनुवंशिक परीक्षण है जो गर्भावस्था के 15वें सप्ताह के बाद किया जाता है।
  • CVS (Chorionic Villus Sampling): यह एक आनुवंशिक परीक्षण है जो गर्भावस्था के 11वें सप्ताह के बाद किया जाता है।

यह सलाह दी जाती है कि आप बच्चे के लिंग का पता लगाने के लिए किसी भी आक्रामक परीक्षण का विकल्प न चुनें, क्योंकि इनमें गर्भपात का खतरा होता है। अल्ट्रासाउंड में लड़के होने के लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी के लिए, आप अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

अल्ट्रासाउंड के अलावा, कुछ अन्य तरीके भी हैं जिनसे लड़के होने की संभावना का अनुमान लगाया जा सकता है, जैसे:

  • चीनी लिंग भविष्यवाणी चार्ट: यह चार्ट गर्भवती महिला की उम्र और गर्भधारण के महीने के आधार पर लिंग का अनुमान लगाता है।
  • माया कैलेंडर: यह कैलेंडर गर्भवती महिला की जन्मतिथि और गर्भधारण के महीने के आधार पर लिंग का अनुमान लगाता है।
  • रक्त परीक्षण: कुछ रक्त परीक्षणों के माध्यम से भी लिंग का अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन ये परीक्षण भारत में उपलब्ध नहीं हैं।

Nub theory

The theory is that the angle of the ‘nub’ about the spine tells if it’s a boy or a girl. A boy has a ‘nub’ that is angled more than 30° degrees in relation to the spine which means boy. “nub” theory accuracy rate of 98 to 99 percent in the boy or girl.

नब थ्योरी क्या है?

यह सिद्धांत भ्रूण के शुरुआती अल्ट्रासाउंड स्कैन के दौरान देखे जाने वाले जenital tubercle पर आधारित है। जenital tubercle, जिसे “nub” भी कहा जाता है, पेट के निचले भाग में भ्रूण के पैरों के बीच स्थित ऊतक होता है। यह ऊतक अंततः लड़के में लिंग या लड़की में क्लिटोरिस बन जाता है।

नब थ्योरी कैसे काम करती है?

अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण जाने – नब थ्योरी का दावा है कि गर्भावस्था के 12 सप्ताह जितनी जल्दी भ्रूण के रीढ़ की हड्डी के संबंध में नब के कोण को देखकर लिंग का पता लगाया जा सकता है। सिद्धांत के अनुसार:

  • लड़का: अगर नब रीढ़ की हड्डी से 30 डिग्री से अधिक ऊपर की ओर झुका हुआ है, तो यह माना जाता है कि बच्चा लड़का हो सकता है।
  • लड़की: अगर नब रीढ़ की हड्डी से 30 डिग्री से कम झुका हुआ है, तो यह माना जाता है कि बच्चा लड़की हो सकती है।
  • अऔर जाने

लिंग निर्धारण का सबसे सटीक तरीका कौन सा है?(अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण)

अल्ट्रासाउंड में लड़का होने के लक्षण अऔर अल्ट्रासाउंड द्वारा लिंग निर्धारण आमतौर पर 18 से 20 सप्ताह के बीच की अवधि में सबसे सटीक होता है, जब बच्चे के जननांग पूरी तरह से विकसित हो चुके होते हैं। हालांकि, यह भी 100% सटीक नहीं है।

यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लड़का या लड़की होना कोई बड़ी बात नहीं है। दोनों ही समान रूप से मूल्यवान और प्यारे होते हैं।

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